विश्वकप फाइनल आज: फ्रांस-क्रोएशिया को यहां तक लाने में उसके 5-5 खिलाड़ियों का अहम रोल

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मॉस्को (रूस).फ्रांस और क्रोएशिया के बीच आज यहां के लुझनिकी स्टेडियम में 21वें फुटबॉल विश्वकप का फाइनल खेला जाएगा। फ्रांस ने तीसरी और क्रोएशिया ने पहली बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। दोनों टीमों को यहां तक लाने में उनके पांच-पांच खिलाड़ियों ने अहम किरदार निभाया। टूर्नामेंट से पहले ब्राजील, अर्जेटीना, बेल्जियम, स्पेन, इंग्लैंड और जर्मनी को खिताब का तगड़ा दावेदार बताया जा रहा था, लेकिन वे क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं जा सकीं। वहीं, फ्रांस और क्रोएशिया ने अपने-अपने मुकाबलों में बड़ी टीमों की तरह गलतियां नहीं दोहराईं।

फ्रांस के 5 हीरो : किलियन एम्बाप्पे, एंटोनी ग्रीजमैन, पॉल पोग्बा, एनगोलो कान्टे, हुगो लोरिस।

क्रोएशिया के 5 हीरो : लुका मोड्रिच, इवान रकिटिच, मारियो मांजुकिच, इवान पेरिसिच, डेनियल सुबासिच

60% गोल ग्रीजमैन-एम्बाप्पे ने किए: फ्रांस ने इस विश्वकप में 6 मैच में 10 गोल किए। जिसमें एंटोनी ग्रीजमैन और किलियन एम्बाप्पे ने 3-3 गोल किए। यानी कुल गोल का 60% टीम के लिए सबसे ज्यादा पास मिडफील्डर पॉल पोग्बा (264) और एनगोलो कान्टे (351) ने किए। दोनों ने मिलकर अपनी टीम के कुल पास (2,775) का 22.16% किया। गोलकीपर हुगो लोरिस का 5 मैच में 73.3% सेविंग रिकॉर्ड है। उन्होंने पिछले मैच में 7 शॉट को गोलपोस्ट में जाने से रोका।

मोड्रिच-रकिटिच ने 23.94% पास किए :क्रोएशिया को पहली बार खिताबी जीत की दहलीज तक पहुंचाने में उसके अनुभवी खिलाड़ी लुका मोड्रिच और इवान रकिटिच ने प्लेमेकर की भूमिका निभाई। टीम के कुल पास (3,362) के 23.94% पास इन्हीं दोनों ने मिलकर किया। क्रोएशिया ने इस विश्वकप में 12 गोल किए जिसमें मोड्रिच, रकिटिच , पेरिसिच और मांजुकिच ने मिलकर 7 गोल किए। गोलकीपर डेनियल सुबासिच ने 5 मैच में 75% गोल बचाए। उन्होंने दो पेनल्टी शूट आउट में भी 2-2 बार गेंद को गोलपोस्ट में जाने से रोका।

बेल्जियम की गलतियां : क्वार्टर फाइनल तक अपने सभी मैच जीतने वाली बेल्जियम सेमीफाइनल में बिखरी-बिखरी सी नजर आई। लगातार 24 मैच जीत चुकी बेल्जियम के खिलाड़ी फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में शुरू से ही पिछड़ते दिखे। रोमेलु लुकाकू और केविन डी ब्रुइन अपने शॉट को गोल में नहीं बदल सके। फ्रांस ने पहला गोल करने के बाद तुरंत अपनी पोजिशन बदल ली। उसने दो फॉरवर्ड बनाए रखे, लेकिन 4 मिडफील्डर की जगह 3 किए और सेंटर बैक में एक डिफेंडर बढ़ा दिया।

इंग्लैंड की गलतियां :ग्रुप स्टेज और नॉकआउट के पहले दो मुकाबलों में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन फॉरवर्ड के रूप में खेले, लेकिन सेमीफाइनल में वे मिडफील्ड में खेलते नजर आए। इससे उनकी टीम की लय बिगड़ी। वहीं, क्रोएशिया ने ऐसी गलती नहीं की। वह मैदान पर नियमित अंतराल पर अपने खिलाड़ियों की पोजिशन बदलता रहा। उसके कप्तान लुका मोड्रिच कभी डिफेंसिव मिडफील्डर तो कभी स्ट्राइकर का रोल अदा कर रहे थे। इसका फायदा उसे मैच के नतीजे के रूप में मिला।

क्रोएशिया ने पिछले तीनों मैच एक्स्ट्रा टाइम में जीते, फ्रांस ने एक भी नहीं : रिकॉर्ड बताते हैं कि खिताबी मुकाबले में फ्रांस का पलड़ा ज्यादा भारी है। इस विश्वकप में फ्रांस का कोई मैच एक्स्ट्रा टाइम में नहीं गया, जबकि क्रोएशिया ने नॉकआउट के सारे मैच एक्स्ट्रा टाइम में ही जीते। दोनों के बीच विश्वकप में अब तक एक मुकाबला (1998, सेमीफाइनल) हुआ, जिसे फ्रांस ने 2-1 से जीता था। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों 5 बार आमने-सामने हुईं हैं। जिनमें फ्रांस ने शुरुआती 3 मैच (1998, 1999 और 2000) में जीत हासिल की, जबकि

2006, 2010 और 2014 विश्वकप फाइनल का नतीजा एक्स्ट्रा टाइम में निकला : अब तक हुए 20 विश्वकप में 7 बार फाइनल एक्स्ट्रा टाइम तक पहुंचा। इसमें दो बार 1994 और 2006 में मैच का परिणाम पेनल्टी शूट आउट में निकला। पिछले तीन विश्वकप (2006, 2010 और 2014) का फाइनल का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में ही हुआ। 2006 में इटली ने फ्रांस को पेनल्टी शूट आउट में 5-3, 2010 में स्पेन ने नीदरलैंड को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 और 2014 में जर्मनी ने अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराया था।

1998 से 2 टीमों ने पहली बार फाइनल में जगह बनाई, दोनों जीती : क्रोएशिया फाइनल में पहुंचने वाला दुनिया का 13वां देश है। वह ऐसा करने वाला 10वां यूरोपीय देश है। 1998 से जिस टीम ने फाइनल में पहली बार जगह बनाई, वही चैम्पियन बनी। 1998 में फ्रांस पहली बार फाइनल में पहुंचा और उसने ब्राजील को 3-0 से हराया। 2010 में स्पेन ने पहली बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई और नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। पिछले रिकॉर्ड को देखकर क्रोएशियाई प्रशंसक खुश हो सकते हैं।

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