गोली से उड़ गया था चेहरा लेकिन फिर मिला ‘जिंदगी’ को गले लगाने का मौका

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ये कहानी ‘कैमरून’ की है लेकिन आप जब इसे पढ़ेंगे तो ‘जिंदगी’ की याद आएगी. इसे केवल ‘कहानी’ समझने की भूल मत करना क्योंकि ये एक ऐसी ‘हकीकत’ भी है जो एक बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करती है. यानी जहां से बात शुरू होती है, उस बारे में एक आम शख्स अपनी ‘जिंदगी’ में कभी न कभी सोचता जरूर है और उस शुरुआत का नाम है ‘सुसाइड’.

ये कहानी जिस शख्स की है उसकी उम्र इस वक्त 26 साल है लेकिन 2 साल पहले 2016 में उसने खुद को गोली से उड़ा लिया था. सुसाइड के लिए की गई यह एक नाकाम कोशिश थी जिसका नतीजा यह हुआ कि ‘कैमरून’ आज ‘जिंदा’ है.बीबीसी के मुताबिक ‘कैमरून’ ने जब खुद को गोली मारी थी तो उसकी नाक, चेहरे से बिल्कुल गायब हो गई थी. उसका जबड़ा और दांत बुरी तरह से तहस-नहस हो गए थे. उसकी जीभ भी बुरी तरह से खराब हो चुकी थी. यानी पूरा चेहरा भयानक दिखने लगा था.

ये एक ऐसा दौर था जब खुद ‘कैमरून’ खुद का चेहरा देखना भी पसंद नहीं करता था लेकिन बीते 2 सालों में बहुत कुछ बदल गया है और इसके पीछे की वजह है न्यूयॉर्क का NYULangone Health centre. यह मैनहटन में है.NYULangone Health centre ने बीते 29 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. यह वीडियो ‘कैमरून’ का है. जिसमें उनके चेहरे को देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यह वही कैमरून हैं जो 2 साल पहले अपने चेहरे की पहचान खो चुके थे. लेकिन मेडिकल साइंस के चमत्कार और जिंदगी जीने की इच्छा ने ‘कैमरून’ को एक नई जिंदगी दे दी.

2 साल पहले खो चुके थे चेहरे की पहचान लेकिन अब हुई नई जिंदगी की शुरुआत-2016 में सुसाइड की कोशिश करने वाले ‘कैमरून’ ने न्यूयॉर्क में एक कॉन्फ्रेंस में बताया, ‘अब मेरे पास एक नाक और एक मुंह है. अब मैं हंस सकता हूं, बोल सकता हूं और खा सकता हूं. मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि फेस ट्रांसप्लांट की वजह से मुझे एक नई जिंदगी को जीने का दोबारा मौका मिला. ‘कैमरून’ पूरे दो सालों के बाद खुद अपने मुंह से यह बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘अब इस काबिल हूं कि मैं वह सारे काम कर सकता हूं जिन्हें प्यार करता था. अब मैं बाहर जा सकता हूं, आउटडोर गेम्स खेल सकता हूं और अपने परिवार और दोस्तों को समय दे सकता हूं. अब मैं काम करने के बारे में सोच सकता हूं और एक दिन अपना परिवार शुरू करने के बारे में भी.’

इस साल जनवरी में 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ ने ‘कैमरून’ की 25 घंटों तक सर्जरी की थी. इस सर्जरी के नतीजों को बीते 29 नवंबर को हॉस्पिटल ने एक वीडियो में शेयर किया है. यह ऑपरेशन ‘कैमरून’ के सुसाइड करने की कोशिश के 18 महीने बाद किया गया था. जोकि यूनाइटेड स्टेट के इतिहास में ‘घटना’ के बाद होने वाली सबसे तेज सर्जरी में से एक है.

सर्जरी करने वाले डॉक्टर इडुआर्डो डी रोद्रिगुएज ने कहा कि ‘कैमरून’ की इच्छाशक्ति की वजह से ही यह सर्जरी हो सकी और वह इतनी तेजी के साथ ठीक हुआ. उसने अपनी जिंदगी के साथ कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं.’कैमरून’ को एक 3डी प्रिंटेड डोनर मिला था जिससे उसका चेहरा ठीक किया जा सके. यह डोनर 23 साल का विल फिशर था जो एक चेस चैंपियन, राइटर और फिल्म मेकर था. लेकिन एक त्रासदी में उसकी मौत हो गई थी. इसी विल फिशर का चेहरा ‘कैमरून’ को दिया गया. ‘कैमरून’ ने विल फिशर के परिवार को शुक्रिया करते हुए कहा कि मैं हमेशा उनका सम्मान करूंगा.

 

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