बुलंदशहर हिंसा: तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी का सुराग नहीं, इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के परिवार से मिलेंगे सीएम

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नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और सुमित की हत्या को तीन दिन हो चुके हैं लेकिन मुख्य आरोपी योगेश राज अब तक फरार है. इस बीच आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश ने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है. वहीं बजरंग दल मेरठ प्रांत के संयोजक प्रवीण भाटी योगेश के समर्थन में आए और पुलिस पर योगेश को फंसाने की साजिश का आरोप लगाया.

आज शहीद इंस्पेक्टर के परिवार से मिलेंगे सीएम योगी-बुलंदशहर में हिंसक प्रदर्शन में गोली लगने से शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध के परिवार से सीएम योगी आज मिलेंगे, लखनऊ में योगी के घर पर सुबह साढ़े नौ बजे ये मुलाकात होगी. शहीद सुबोध सिंह की पत्नी और बेटे योगी से मिलकर इंसाफ की मांग करेंगे. इससे पहले बुलंदशहर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान सीएम योगी के चुनावी प्रचार में व्यस्त रहने के बाद विवाद भी खड़ा हो गया था. सवाल उठे थे कि योगी बुलंदशहर क्यों नहीं गए.

मृतक युवक सुमित का परिवार धरने पर-बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के अलावा सुमित नाम के युवक की भी मौत हुई थी. सुमित के परिजनों ने बुलंदशहर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है. सुमित के घरवालों ने मृतक सुमित को भी इंस्पेक्टर सुबोध की तरह शहीद का दर्जा दिए जाने समेत कई मांगे की है.बजरंग दल के मेरठ संयोजक बलराज ने भी सुमित के परिवार से मुलाकात कर हड़ताल का समर्थन किया और बुलंदशहर हिंसा के लिए मुस्लिमों के कार्यक्रम इज्तिमा को जिम्मेदार ठहराया. इस बीच कल एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें सुमित भी पुलिस पर पत्थरबाजी करते दिख रहा था.

डीजीपी का बड़ा बयान- हिंसा को बताया साजिश-बुलंदशहर हिंसा पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. ओपी सिंह ने बुलंदशहर हिंसा की घटना को लॉ एंड ऑर्डर का मुद्दा मानने से इंकार करते हुए इसे साजिश बताया है. पुलिस का कहना है कि मुसलमानों के बड़े कार्यक्रम के दिन और 6 दिसंबर से पहले हुई हिंसा कोई इत्तेफाक नहीं है. बुलंदशहर हिंसा के लिए पुलिस और एसआईटी के अलावा एक और जांच टीम का गठन किया गया है जो साजिश के एंगल से जांच करेगी. यूपी सरकार भी बुलंदशहर की घटना में साजिश का शक जता चुकी है.

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और सुमित को एक ही रिवॉल्वर से मारी गई गोली-इंस्पेक्टर सुबोध और छात्र सुमित पर गोली किसने चलाई ये राज अब तक नहीं खुला है. सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में सामने आया है कि सुबोध और सुमित को एक ही रिवॉल्वर से 32 बोर की गोली लगी थी. माना जा रहा है कि दोनों को एक ही रिवॉल्वर से गोली मारी गई.सुमित के शरीर से बरामद गोली को पुलिस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी. पुलिस उस पिस्टल को खोजने में लगी है, जिससे दोनों को गोली लगी. चर्चा ये भी है कि इंस्पेक्टर की लूटी गई लाईसेंसी पिस्टल भी 32 बोर की थी. फिलहाल पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है और जांच पूरा होने का इंतजार कर रही है.

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