‘पीपुल टू पीपुल मैकेनिज्म’ की बैठक में हिस्सा लेने भारत आएंगे चीनी विदेश मंत्री

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बीजिंग: चीनी विदेश मंत्री वांग यी अगले हफ्ते भारत के दौरे पर जाएंगे. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जून में बनी सहमति के बाद पहले उच्च स्तरीय चीन-भारत ‘पीपुल टू पीपुल मैकेनिज्म’ में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. चीनी अधिकारियों ने शुक्रवार को बीजिंग में यह घोषणा की. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कंग ने मीडिया को बताया कि अपने दौरे के दौरान 21 से 24 दिसंबर के बीच वांग विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बैठक की सह अध्यक्षता करेंगे.

इस साल जून में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से इतर किंगदाओ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने ”पीपुल टू पीपुल मैकेनिज्म” बनाने का फैसला किया था. गौरतलब है कि बीते माह नवंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी से चीन के दक्षिण पश्चिम सिचुआन प्रांत में सीमा मसले पर बातचीत की थी. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने 21 नवम्बर को वार्ता की घोषणा करते हुए कहा था, ‘‘हमने मतभेदों को बातचीत और सलाह के जरिए ठीक ढंग से संभाल लिया है. सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता कायम है.’’

अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है चीन- बता दें कि इससे पहले इस संबंध में 20 बार वार्ता हो चुकी है. दोनों देशों के बीच की 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवाद है. चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का एक हिस्सा बताता है.इससे पहले सीमा वार्ता नई दिल्ली में डोभाल और यांग के बीच हुई थी. यह वार्ता डोकलाम पर 73 दिन तक चली तनातनी की पृष्ठभूमि में हई थी. इसका समापन तब हुआ जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने वहां सड़क बनाने की अपनी योजना बंद की.’’

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