तमंचा चेक करने के दौरान चली गोली, युवक की मौत

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उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने एक युवक के अपहरण और कत्ल के मामले में उसी के दोस्तों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने पाया कि धर्मेंद्र नाम के शख्स की हत्या तमंचे खरीदने के दौरान हुई. दरअसल तमंचा चेक करने के दौरान गलती से गोली चल गई जो धर्मेंद्र को लग गई. धर्मेंद की मौत हो जाने से उसके दोस्त डर गए और लाश को कासगंज में फेंककर फरार हो गए.

इससे पहले 29 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा के गांव घोड़ी बछेड़ी के रहने वाले राम किशन नाम के शख्स ने दादरी थाने में शिकायत दी कि उनका बेटा धर्मेंद्र गायब है. राम किशन ने पुलिस को बताया कि कुछ दोस्त धर्मेंद्र को ये कहकर साथ ले गए थे कि सभी लोग अलीगढ जा रहे हैं और रात तक वापस आ जाएंगे. पुलिस ने जांच शुरू ही की थी कि अगले दिन धर्मेंद्र की लाश कासगंज इलाके में मिली.

पिता की शिकायत पर पुलिस ने कत्ल और अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी. जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि 29 दिसंबर को धर्मेंद्र को रवि और गगन नाम के दो युवक अपने साथ लेकर गए थे.दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस के सामने कहा कि वो सब लोग अलीगढ़ तमंचा खरीदने गए थे और तमंचा चेक करने के दौरान गलती से गोली चल गई जो धर्मेंद्र को लग गई. धर्मेंद्र की मौत हो जाने से वो डर गए और लाश को कासगंज में फेंककर फरार हो गए.

आरोपियों के पास से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कार बरामद की है जिससे सभी अलीगढ़ गए थे. मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश है जिनके नाम राहुल और दीपक हैं. वहीं धर्मेंद्र के घरवाले आरोपियों की बात पर यकीन नहीं कर रहे. उनका कहना है कि धर्मेंद्र की हत्या एक साजिश की तहत की गई है जिसकी पूरी जांच जरूरी है. वहीं पुलिस के अधिकारी हर एंगल से जांच की बात कह रहे हैं.

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