सज्जन कुमार से जुड़े 1984 सिख दंगों के दूसरे केस में गवाह का क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू

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साल 1984 के सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को सोमवार को जेल प्रशासन ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. इस बार उनको साल 1984 से ही जुड़े सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले में पेश किया गया. सोमवार को इस मामले में उस गवाह का सज्जन कुमार के वकील ने क्रॉस एग्जामिनेशन किया, जिसने कुछ ही दिनों पहले सज्जन कुमार को भरी कोर्ट में पहचाना था. इस गवाह का कहना है कि सज्जन कुमार ने लोगों को भड़काया था, जिसके बाद भीड़ ने उसके बेटे और पिता को मौत के घाट उतार दिया था.

ये गवाह कोई और नहीं चाम कौर है. सोमवार को चाम कौर के क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए सज्जन कुमार के वकीलों ने कुछ और वक्त मांग लिया, जिसके बाद कोर्ट ने मामले में 4 फरवरी की अगली तारीख दे दी. अब 4 फरवरी को गवाह चाम कौर का दोबारा क्रॉस एग्जामिनेशन होगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सज्जन कुमार को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था. साल 1984 के सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले की अहम गवाह चाम कौर का सोमवार तकरीबन आधे घंटे तक क्रॉस एग्जामिनेशन करने के बाद सज्जन कुमार के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि इसी मामले में चाम कौर ने 1987 और 1991 में अपना बयान दर्ज कराया था.

सज्जन कुमार के वकीलों ने कहा कि उस वक्त चाम कौर ने बेटे की मौत को लेकर पुलिस को बयान नहीं दिया था. लिहाजा, पुराना बयान उनके पास नहीं है. उन्होंने इसके लिए हाई कोर्ट में आवेदन किया है और उम्मीद है कि 30 जनवरी तक चाम कौर के बयान की कॉपी मिल जाएगी. पुराना बयान आने के बाद एक बार फिर वो क्रॉस एग्जामिनेशन करना चाहेंगे. सज्जन कुमार के वकीलों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 4 फरवरी के लिए टाल दी. सज्जन कुमार के वकील अनिल शर्मा ने चाम कौर से क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान कई सवाल पूछे और आरोप लगाए कि 14 नवंबर 1984 को जब पहली बार चाम कौर ने दंगों पर पुलिस को बयान दिया था, तो उसमें उन्होंने कभी भी पुलिस से ये नहीं कहा कि उनके पिता और बेटे की हत्या हुई थी.

सज्जन कुमार के वकील के इस सवाल के जवाब में चाम कौर ने कहा कि उन्होंने पुलिस से कहा था कि उनके पिता और बेटे की हत्या हुई थी, लेकिन वो पढ़ी लिखी नहीं है और पुलिस ने क्या किया, इसकी उनको जानकारी नहीं है. हालांकि ये जरूर है कि उन्होंने पुलिस को जैसे ही कहा कि उनके पिता और बेटे की हत्या हुई है, तो पुलिस ने कागजात पर कुछ लिखा था. आपको बता दें कि 1984 के सुल्तानपुरी दंगा मामले में चाम कौर अहम गवाह है. इससे पहले पिछले साल के आखिरी महीने में कोर्ट ने 1984 के सिख दंगा मामलों में सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया था.

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